ऑटो इतिहास की सबसे महंगी रिकॉल! Hyundai की इलेक्ट्रिक कारों में आग का खतरा, कंपनी ने वापस मंगवाई 81,000 से ज्यादा गाड़ियां

Hyundai Electric Cars Recall: दुनिया भर में इलेक्ट्रिक वाहनों की डिमांड बढ़ रही है, ज्यादातर लोग पारंपरिक फ्यूल पर निर्भरता को कम करते हुए इलेक्ट्रिक वाहनों का प्रयोग कर रहे हैं। वहीं इस सेग्मेंट में कई कंपनियां नए नए मॉडलों के साथ बाजार में भी उतर रही हैं, लेकिन इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रयोग को लेकर कुछ समस्याएं भी सामने आई हैं। दक्षिण कोरिया की वाहन निर्माता कंपनी Hyundai ने ग्लोबल मार्केट से अपने 81,701 इलेक्ट्रिक कारों को वापस (रिकॉल) मंगवाया है। 

ब्लूमबर्ग में छपी रिपोर्ट के अनुसार ये ऑटोमोबाइल इतिहास की सबसे महंगी रिकॉल है। अब तक किसी भी कंपनी ने एक साथ इतनी महंगी गाड़ियों को रिकॉल नहीं किया है। इससे पहले कंपनी ने बीते अक्टूबर महीने में Kona इलेक्ट्रिक एसूयवी को रिकॉल किया था। हुंडई मोटर ने कहा है कि रिकॉल किए गए वाहनों के मरम्मत और प्रतिस्थापन की लागत लगभग 900 मिलियन डॉलर होगी। कंपनी इन गाड़ियों को वापस मंगा कर उनकी जाचं करेगी और सभी वाहनों में जरूरी बदलाव किए जाएंगे।

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Hyundai Motor ने मीडिया को बताया कि इन इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी में कुछ तकनीकी खामियां देखने को मिली हैं, जिससे आग लगने का खतरा है। बता दें कि, इससे पहले कंपनी की मशहूर इलेक्ट्रिक कार Kona में आग लगने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। कंपनी के इस रिकॉल में कोना इलेक्ट्रिक से लेकर Ioniq और कुछ इलेक्ट्रिक बसें शामिल हैं। कंपनी ने उन गाड़ियों को रिकॉल किया है जिनका निर्माण नवंबर 2017 से लेकर मार्च 2020 तक किया गया है। 

बता दें कि, कंपनी ने रिकॉल उस वक्त किया है जब हाल ही में IONIQ 5 इलेक्ट्रिक कार को पेश किया गया है। इस कार से कंपनी को खासी उम्मीदे हैं और इसे कई अन्य देशों में भी लॉन्च करने की तैयारी की जा रही है। लाइव मिंट के अनुसार इस बार के रिकॉल में अकेले 76,000 यूनिट्स कंपनी की बेस्ट सेलिंग इलेक्ट्रिक कार Hyundai Kona और Ioniq शामिल हैं। हुंडई कोना को साल 2019 में कंपनी ने भारतीय बाजार में भी पेश किया था। 

क्या है खराबी: ग्लोबल मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार Hyundai के इन इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी में कुछ तकनीकी खराबियां देखने को मिली हैं। जिसके चलते शॉर्ट सर्किट होने की संभावना बढ़ जाती है और कार में आग लगने का खतरा पैदा होता है। इन हाई वोल्टेज बैटरियों में कुछ मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट होने का अंदेशा जताया जा रहा है। 

Hyundai Kona में आग का खतरा: गौरतलब हो कि Hyundai Kona इलेक्ट्रिक एसयूवी को लेकर सबसे ज्यादा घटनाएं सामने आई हैं। पिछले कुछ सालों में अलग अलग देशों में हुंडई कोना में आग लगने के तकरीबन 15 मामले आए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार कंपनी को घरेलू बाजार दक्षिण कोरिया में अकेले 11 मामले और कनाडा, फिनलैंड के साथ ऑस्ट्रेलिया में एक-एक मामले देखने को मिले थें। 

hyundai kona electric

LG बनाती है बैटरी: हुंडई अपने इलेक्ट्रिक वाहनों में जिन बैटरियों का इस्तेमाल करती है वो LG एनर्जी सॉल्यूशन द्वारा बनाया जाता है, जो कि  LG Chem की एक डिवीजन है। इस मामले में बैटरी निर्माता कंपनी का कहना है कि, हुंडई मोटर ने उनके द्वारा फास्ट चार्जिंग लॉजिक के निर्देशित सुझावों को गलत तरीके से अप्लाई किया है। उनके अनुसार बैटरी के शेल सीधे तौर पर आग लगने की घटनाओं के मुख्य कारण नहीं हैं। हालांकि इस मामले में कंपनी आग के जोखिमों का कारण खोजने के लिए हुंडई के साथ भविष्य की जांच में सक्रिय रूप से भाग लेगी। 

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