महंगे डीजल का साइड इफेक्ट: मॉल भाड़े में वृद्धि से 25 फीसद तक बढ़े ऑटो पार्ट्स से लेकर गारमेंट्स तक के दाम

ट्रकों के माल भाड़े में हुई बढ़ोतरी का असर दिल्ली के बाजारों पर दिखने लगा है। फुटकर दामों में 25 फीसदी तक की बढ़ोतरी हुई है। कारोबारियों का कहना है कि दामों में बढ़ोतरी का असर ब्रिकी पर भी पड़ा है। कारोबार एक बार फिर बेपटरी होने लगा है। दिल्ली के पांच प्रमुख कारोबार पर पेश है एक रिपोर्ट…

ऑटो पार्ट्स के दामों में शुरू हुई बढ़ोतरी

माल भाड़ा बढ़ने का असर दिल्ली के ऑटो पार्ट्स कारोबार पर दिखने लगा है। देश मे ऑटो पार्ट्स के प्रमुख बाजार कश्मीरी गेट ऑटो पार्ट्स ट्रेडर्स एसोसिएशन (अपमा) के अध्यक्ष विनय नारंग के मुताबिक माल भाड़ा बढ़ने के साथ ही कई ऑटो पार्ट्स के भाव आठ से 10 फीसदी तक बढ़ गए हैं। अनुमान लगाया जा रहा है कि कीमतों में 15 फीसदी तक की बढ़ोतरी होगी। विनय नारंग ने बताया कि माल भाड़ा बढ़ने से कारोबारियों को सभी माल पहले से महंगा मंगाना पड़ रहा है, लेकिन सभी ऑटो पार्ट्स की कीमतें बढ़ाना संभव नहीं है, दूसरी तरफ ग्राहकों को भी समझाना मुश्किल होता है। इन हालातों में कारोबारी नुकसान उठाकर कारोबार करने को मजबूर है।

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10 फीसदी तक बढ़ी मार्बल-ग्रेनाइट की कीमत

10 फीसदी तक बढ़ी मार्बल-ग्रेनाइट की कीमत

माल भाड़े में बढ़ोतरी का असर मार्बल और ग्रेनाइट पत्थर के कारोबार पर भी पड़ा है। माल भाड़े में हुई बढ़ोतरी के चलते मार्बल -पत्थर की कीमतों में 10 फीसदी तक बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली मार्बल डीलर्स एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष संदीप भारद्वाज के मुताबिक यह कारोबार पूरी तरह परिवहन पर निर्भर है, लेकिन माल भाड़े में हो रही बढ़ोतरी के चलते मार्बल की कीमत में 10 फीसदी तक बढ़ोतरी हुई हैं। पहले जालौर का जो ग्रेनाइट 57 रुपये स्क्वायर फीट में उपलब्ध था, अब वो बढ़कर 62 रुपये स्क्वायर फीट का हो गया है। साथ ही दामों में रोजाना बढ़ोतरी जारी है। इससे कारोबारियों की परेशानी बढ़ गई हैं। हमारी मांग है कि अगर पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोतरी रोकना संभव नहीं हैं, तो वैट कम किया जाए।

हार्डवेयर और स्टील उत्पादों की लागत बढ़ी

महंगे डीजल का साइड इफेक्ट: मॉल भाड़े में वृद्धि से 25 फीसद तक महंगे हुए उत्पाद

डीजल की कीमतों में हुई बढ़ोतरी के कारण माल भाड़ा बढ़ने का असर हार्डवेयर और स्टील उत्पादों पर भी पड़ा है। हार्डवेयर और स्टील उत्पादों की लागत छह फीसदी तक बढ़ी है। दिल्ली में हार्डवेयर और स्टील के सबसे बड़े बाजार चावड़़ी बाजार के दिल्ली स्टील टूल्स एंड हार्डवेयर एसोसिएशन के महासचिव बलदेव गुप्ता के मुताबिक माल भाड़े में हुई बढ़ोतरी का असर पूरे व्यापार चक्र पर पड़ा है। आलम यह है कि इस वक्त स्टील से लेकर तांबा, आयरन, प्लास्टिक तक सभी के दाम बढ़े हुए हैं। प्लास्टिक की कीमत 200 फीसदी तक बढ़ी है। कच्चे माल के दामों में हुई इस बढ़ोतरी से लागत बढ़ी है, जिसका असर फुटकर बाजारों में भी दिखाई दे रहा है।

गारमेंट्स के दाम 25 फीसदी तक बढ़े

गारमेंट्स के दाम 25 फीसदी तक बढ़े

दिल्ली का गारमेंट्स कारोबार भी माल भाड़े में हुई बढ़ोतरी से प्रभावित है। गारमेंटस के फुटकर भावों में 25 फीसदी तक की बढ़ोतरी देखने को मिली है। युवाओं के पंसदीदा बाजार सरोजनी नगर मिनी मार्केट एसासिएशन के अध्यक्ष अशोक रंधावा के मुताबिक किसान आंदोलन से गारमेंटस कारोबार पर उतना असर नहीं पड़ा, लेकिन माल भाड़े में हुई बढोतरी का असर कारोबार में दिखने लगा है। पिछले 15 दिनों से जो भी माल हम दिल्ली के बाहर से मंगा रहे हैं, वह दिल्ली पहुंचने तक पहले की तुलना में 25 फीसदी तक महंगा हो गया है। आलम यह है कि कुछ गारमेंटस में तो बढ़े हुए दाम ग्राहकों से वसूले जा सकते हैं, लेकिन कुछ गारमेंटस में बढ़े हुए दाम वसूलने में मुश्किल हो रही है। ऐसे में कारोबार प्रभावित होने लगा है।

इलेक्ट्रिक उपकरण 25 फीसदी तक महंगे

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इलेक्ट्रिक उपकरणों की कीमतों में भी बढ़ोतरी हो रही है। दिल्ली के इलेक्ट्रिक उपकरणों के बाजार भागीरथ पैलेस के दिल्ली इलेक्ट्रिक टेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष भरत आहुजा के मुताबिक बीते कुछ महीनों में कच्चे माल के दामों में लगातार बढ़ोतरी जारी है। पेट्रोल के दामों में हुई बढ़ोतरी से प्लास्टिक के दाम बढ़े हैं। अब माल भाड़ा बढ़ने से कच्चा माल महंगा हुआ है। ऐसे में लागत बढ़ने के बाद कंपनियां पीछे से ही इलेक्ट्रिक उपकरणों के दाम बढ़ाकर भेज रही हैं। आलम यह है कि इन सब वजहों से इलेक्ट्रिक उपकरणों के दाम 25 फीसदी तक बढ़े हैं। पहले तार का जो बंडल 500 रुपये का था, वह इन दिनों 750 रुपये का मिल रहा है।

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