मोदी कैबिनेट में बदलाव की बैठक, मंत्रीपद पाने में इन दो नेताओं के नाम टॉप पर, जानें…

संसद का मानसून सत्र जुलाई मध्य से शुरू होने की चर्चाओं के बीच मोदी कैबिनेट में एक बार फिर फेरबदल किए जाने की अटकलें लगने लगी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी आज केंद्रीय मंत्री परिषद की बैठक की अध्यक्षता करेंगे। बैठक में कोविड से जुड़े हालात पर चर्चा होने की संभावना है। इसके अलावा कुछ मंत्रालयों के कामकाज की समीक्षा भी की जा सकती है। जानकारी के मुताबिक, यह बैठक बुधवार शाम को डिजिटल तरीके से होगी। मीटिंग में सड़क एवं परिवहन मंत्रालय, नागर विमानन मंत्रालय और दूरसंचार मंत्रालय के कामकाज की समीक्षा की जा सकती है।

इन दो नेताओं के नाम सबसे आगे: बीते कुछ दिनों में पीएम की कैबिनेट नेताओं के साथ हुई ताबड़तोड़ बैठकों के बाद अब कयास लगाए जा रहे हैं कि जल्द ही भाजपा अपने बड़े चेहरों के पद को बदलेगी और कुछ नए चेहरों को कैबिनेट में अहम पद सौंपेगी। अब तक इस बारे में साफ जानकारी नहीं दी गई है। हालांकि, जिन नेताओं को कैबिनेट में प्राथमिकता देने की बात चल रही है, उनमें एक नाम कांग्रेस से भाजपा में आए राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया का है। इसके अलावा एक नाम असम के पूर्व मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल का भी है।

सीएम पद छोड़ने के लिए सोनोवाल को इनाम: बता दें कि दोनों ही सर्वानंद सोनोवाल को असम में अपना मुख्यमंत्री पद सहर्ष छोड़ने का इनाम मिल सकता है। उन्होंने हिमंत बिस्व सरमा के लिए इस पद को छोड़ा था, जिसके बाद खुद सरमा ने कहा था कि सोनोवाल को केंद्र में जगह मिलेगी। पिछले हफ्ते ही सोनोवाल पीएम मोदी और अमित शाह से भी मिले थे। माना जा रहा है कि जहां सरमा को असम की अंदरुनी स्थिति संभालने की जिम्मेदारी दी जाएगी, वहीं सोनोवाल को पूर्वोत्तर में पार्टी के आंतरिक टकरावों को रोकने की जिम्मेदारी मिलेगी। इसके लिए उन्हें बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट के नेता बिस्वजीत डायमेरी की जगह राज्यसभा लाया जा सकता है।

यूपी चुनाव के लिए सिंधिया को इस्तेमाल करेगी भाजपा: उधर मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार को गिराने और एक झटके में राज्य भाजपा नेतृत्व को सौंपने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया को भी जल्द ही मंत्रीपद सौंपा जा सकता है। यूपी चुनाव की तैयारियों के मद्देनजर सिंधिया के चेहरे के जरिए प्रचार को बल दिया जा सकता है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के ही कुछ अन्य नेता और बिहार में एनडीए गठबंधन के कुछ नेताओं को भी मंत्री बनाए जाने की चर्चाएं जोरों पर हैं।

हर हफ्ते हो रही मंत्रालयों के प्रदर्शन की समीक्षा: करीब एक हफ्ते पहले प्रधानमंत्री ने मंत्रियों एवं राज्य मंत्रियों के विभिन्न समूहों के साथ बैठकें की थीं और उनके मंत्रालयों के प्रदर्शन की समीक्षा की थी। ये बैठकें प्रधानमंत्री मोदी के आधिकारिक आवास पर हुई थीं और ज्यादातर बैठकों में भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा उपस्थित रहे थे। सियासी पर्यवेक्षकों और भाजपा के अंदरूनी सूत्रों का मानना है कि मंत्री परिषद की बैठकों का ऐसे समय में होना विशेष महत्व रखता है जब राजनीतिक गलियारों में मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल की अटकलें चल रही हैं।


<!–

–>