अभी अभी की बड़ी खबर: भारत और चीनी सैनिकों के बीच गोलीबारी, भारी तनाव

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image soure: pahaltoday
  • चीनी सैनिकों की तरफ से घुसपैठ की कोशिश की थी
  • भारतीय सैनिकों ने की जवाबी फायरिंग
  • भारत चीन सीमा पर बढ़ा तनाव
  • चीनी सैनिकों के प्रवक्ता ने कहा- भारतीय सेना ने गैर-कानूनी ढंग से Line of Actual Control (LAC) पार कोशिश की
  • तीन दिन पहले ही हुई थी भारत और चीन के रक्षा मंत्रियों की मुलाकात
  • Line of Actual Control (LAC) तनाव के चलते लगातार चालबाजियां दिखा रहा है चीन
  • 10 सितंबर को विदेश मंत्री जयशंकर और चीनी विदेश मंत्री याग यी के बीच मॉस्को में होगी मुलाकात 

 

नई दिल्ली। पूर्वी लद्दाख में Actual Control रेखा (LAC) पर भारत और चीन के बीच तनाव बढ़ता ही जा रहा है। चीनी सैनिकों की ओर से फिर घुसपैठ करने  के प्रयास के चलते करीब 45 साल बाद सोमवार देर रात पहली बार दोनों तरफ से गोलीबारी की खबर सामने आयी है। हालांकि, दोनों पक्षों ने एक-दूसरे को चेतावनी के तौर पर  गोली चलाई है। घटना के बाद हालात कंट्रोल में है। भारत की ओर से अभी कोई घटना को लेकर आधिकारिक  बयान नहीं दिया गया है।

चीनी सैनिकों की तरफ से घुसपैठ की कोशिश की थी

वहीं चीन की तरफ से  मुखपत्र Global Times ने सेना के हवाले से पूरी घटना का दोष भारत पर लगाया है। चीनी सेना का  कहना है कि भारतीय सैनिकों ने घुसपैठ की कोशिश की। बहरहाल इस घटना से दोनों देशों के बीच तनाव और गहराने की आशंका जताई जा रही है।

भारतीय सैनिकों ने की जवाबी फायरिंग

सूत्रों के मुताबिक, Pangong झील के दक्षिणी  किनारे पर चीनी सैनिकों ने घुसपैठ करने की कोशिश की थी। हमारे भारतीय सैनिकों ने चेतावनी दी, लेकिन चीनी सैनिक रुकने के बजाय चीनी सैनिकों ने  फायरिंग कर दी। इस पर भारतीय सैनिकों ने भी जवाबी फायरिंग की। Line of Actual Control (LAC ) पर लगभग चार दशक बाद पहली बार गोली चलने की खबर आयी है।

भारत चीन सीमा पर बढ़ा तनाव

भले ही भारत और चीन की तरफ से गोली चेतावनी के लिए ही चली हो, लेकिन इस घटना से ये अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि  सीमा पर तनाव कितना बढ़ गया है। इस बीच, Global Times ने चीनी सेना के प्रवक्ता के हवाले से दावा किया है कि भारतीय सैनिक Line of Actual Control (LAC) को पार कर Pangong झील के दक्षिणी किनारे पर स्थित Shenpao पहाड़ी के इलाके में घुस ने की कोशिश कर रहे थे। अखबार ने यह भी कहा कि चीनी सैनिकों ने जब भारतीय सैनिकों को रोकने की कोशिश की तो  भारतीय सैनिकों की तरफ से फायरिंग की गई। इसके बाद ही  चीनी सैनिकों ने भी जबाबी फायरिंग की थी ।

चीनी सैनिकों के प्रवक्ता ने कहा- भारतीय सेना ने गैर-कानूनी ढंग से Line of Actual Control (LAC) पार कोशिश की

चीनी सैन्य प्रवक्ता ने इस बारे में जारी एक बयान में भारतीय सेना पर आरोप लगाया कि उन्होंने  गैरकानूनी ढंग से Line of Actual Control (LAC) पार की और पैंगोंग झील के दक्षिणी किनारे और Shenpao पहाड़ी इलाके में घुस आए। ऑपरेशन के दौरान, भारतीय सेना ने चीनी बॉर्डर फोर्स को धमकी देने के अंदाज में फायरिंग की और चीनी सीमा सैनिकों को जवाबी कार्रवाई करने के लिए मजबूर होना पड़ा। इसे बेहद गंभीर भड़काऊ कार्रवाई करार देते हुए चीन ने कहा, ‘हम भारतीय पक्ष से आग्रह करते हैं कि इस तरह की खतरनाक करवाई को तुरंत रोकना चाहिए।’

तीन दिन पहले ही हुई थी भारत और चीन के रक्षा मंत्रियों की मुलाकात

यह घटना ऐसे समय में हुई है, जबकि तीन दिन पहले शुक्रवार को ही सीमा पर जारी तनाव कम करने के लिए भारतीय  रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और चीनी रक्षा मंत्री वेई फेंग के बीच मॉस्को में बातचीत हुई थी। इसके बाद 10 सितंबर को विदेश मंत्री एस. जयशंकर और चीनी विदेश मंत्री वांग यी के बीच मॉस्को में बातचीत होने वाली है। जयशंकर शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक में शामिल होने रूस की राजधानी मॉस्को जाने वाले हैं। एक समाचार पत्र से बातचीत में जयशंकर ने दिन में कहा भी था कि Line of Actual Control (LAC) पर हालात बहुत गंभीर हैं।

Line of Actual Control (LAC) तनाव के चलते लगातार चालबाजियां दिखा रहा है चीन

अभी पिछले महीने की 29 और 31 तारीख को भी चीनी सैनिकों ने दक्षिण पैंगोंग झील के किनारे घुसपैठ की कोशिश की थी। लेकिन भारतीय जवानों ने उन्हें न सिर्फ आगे बढ़ने से रोका था , बल्कि उससे लगते कई इलाकों में अपनी पकड़ भी मजबूत बना ली थी । कुछ महीने पहले 15 जून को गलवन घाटी में दोनों देशों के सैनिकों के बीच खूनी संघर्ष हुआ था, जिसमें भारत के 20 जवान शहीद हो गए थे। अमेरिकी खुफिया एजेंसी के मुताबिक चीन के 35 सैनिक मारे गए थे। हालांकि, चीन ने अभी तक यह नहीं बताया है कि उसके कितने सैनिक मारे गए थे।

10 सितंबर को विदेश मंत्री जयशंकर और चीनी विदेश मंत्री याग यी के बीच मॉस्को में होगी मुलाकात 

भारत चीन तनाव और गोलीवारी की यह घटना ऐसे समय में हुई है, जबकि शुक्रवार को ही सीमा पर तनाव ख़त्म करने के लिए भारतीय  रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और चीनी रक्षा मंत्री वेई फेंग के बीच मॉस्को में बातचीत हुई थी। और आने वाली 10 सितंबर को विदेश मंत्री एस. जयशंकर और चीनी विदेश मंत्री याग यी के बीच मॉस्को में बातचीत होने वाली है। जयशंकर शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक में शामिल होने रूस की राजधानी मॉस्को जाने वाले हैं।