विवादित कृषि बिल पर मोदी सरकार का बडा फैसला, कल सबसे पहले…

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नई दिल्ली। मंडी अधिनियम में संशोधन सहित कृषि से संबंधित तीन विधेयकों पर रविवार को संसद की अंतिम मुहर लगने की संभावना है। लोकसभा द्वारा पारित विधेयकों को रविवार सुबह राज्यसभा में पेश किया गया। जाहिर है, सरकार इसे पास करवाएगी और भारी संख्या में गेम में ज्यादा परेशानी नहीं होगी। लेकिन इससे अधिक दिलचस्प यह देखना है कि इस मुद्दे पर विपक्ष कितना एकजुट है जो राजनीतिक विवाद में शामिल है। यह माना जाता है कि कांग्रेस तटस्थ खेमे में खड़े विपक्ष या पार्टियों की मदद के लिए हर संभव प्रयास कर रही है, लेकिन कई हाथ नहीं आ रहे हैं।

हालांकि लोकसभा में सत्तारूढ़ दल की संख्या संख्या में मजबूत हुई है, लेकिन कई छोटे दलों की स्थिति यहाँ महत्वपूर्ण है। यही कारण है कि लोकसभा में मतदान से पहले वॉकआउट करने वाली कांग्रेस राज्यसभा में अंतिम अवसर तक जमीनी आकलन करेगी।

सूत्रों के अनुसार, अगर ऐसा लगता है कि मतदान एक प्रतियोगिता हो सकती है, तो अकाली दल इसे हाशिए पर करने के लिए मतदान करने के लिए चिपक जाएगा। हालांकि विपक्ष यह भी मान रहा है कि सरकार जीतेगी लेकिन मतदान सांकेतिक होगा।

गौरतलब है कि 243 नंबरों वाली राज्यसभा में ऐसे दलों की ताकत 125 के आसपास है जो समर्थन करेंगे। वहीं, विपक्ष में खड़ी शिवसेना ने कांग्रेस को स्पष्ट कर दिया है कि वह विरोध करेगी लेकिन वोट नहीं देगी।

तृणमूल कांग्रेस का रुख भी ऐसा ही है जिसमें 13 सदस्य हैं। ऐसे में कांग्रेस समय के हिसाब से सिर्फ 40 सीटों पर फैसला करेगी। फिलहाल जो स्थिति दिख रही है, उसमें यह संभव है कि अगर वोटिंग नहीं हुई, तो लोकसभा की तरह ही बिलों को आवाज के जरिए साफ किया जा सकता है।